दुर्गा शक्ति की देवी हैं, जो दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। दुर्गा की कई अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती हैl दुर्गा के नौ रूप, जिन्हें नवदुर्गा के रूप में भी जाना जाता है

शैलपुत्री:  पर्वत राज हिमालय की पुत्री, शैलपुत्री दुर्गा का पहला रूप हैं। वह अपनी शक्ति और साहस के लिए पूजी जाती हैं।

 ब्रह्मचारिणी  दुर्गा का तपस्वी रूप, ब्रह्मचारिणी अपने ज्ञान और बुद्धि के लिए पूजी जाती हैं।

 चंद्रघंटा:  दुर्गा का तीसरा रूप, चंद्रघंटा अपनी सुंदरता और कृपा के लिए पूजी जाती हैं।

कूष्मांडा:  दुर्गा का चौथा रूप, कूष्मांडा अपनी रचनात्मकता और बहुतायत के लिए पूजी जाती हैं।

 स्कंदमाता:  युद्ध के देवता स्कंद की माता, स्कंदमाता अपने मातृ प्रेम और सुरक्षा के लिए पूजी जाती हैं।

कात्यायनी:  दुर्गा का छठा रूप, कात्यायनी अपनी शक्ति और दृढ़ संकल्प के लिए पूजी जाती हैं।

 काली:  दुर्गा का सातवां रूप, काली बुराई और अंधकार की विनाशक के रूप में पूजी जाती हैं।

महागौरी:  दुर्गा का आठवां रूप, महागौरी अपनी पवित्रता और चमक के लिए पूजी जाती हैं।

सिद्धिदात्री:  दुर्गा का नौवां और अंतिम रूप, सिद्धिदात्री सभी वरदान और इच्छाओं को पूरा करने की अपनी क्षमता के लिए पूजी जाती हैं।